Sarkari Doctor’s Poetry

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Guest article by Dr. Mayank

दुखांतिका

Paracetamol,
मैं थक गया;अब तू ही बोल।
कैसे करूँ तनहा तुझसे;PHC में हर बुखार control?
उधर amoxy ने आवाज दी,
डॉक्टर साहब अभी मैं stock में हूँ पड़ी।
पर चेतावनी है;ध्यान दें,
किसी भी मरीज को चार कैप्सूल से जादा न लिख दें।
मैनें फ़िज़ूल की उससे बहस की,
चार कैप्सूल से तुम्हारा कोर्स पूरा होगा नही।
amoxy हंसीं और साथ में septran भी,
लगता है इस डॉक्टर की PHC में पोस्टिंग है नई-नई।
बोला बगल में betadine का बोतल खड़ा,
महीनों से बिन ढक्कन पड़ा-
सुन लो ये डाक्टर बाबू,
अगर चाहते हो मरीज रहे काबू,
तो दवा का पूरा कोर्स भूल जाओ,
और मुझे तो बिन ढक्कन खोले ही घाव पर लगाओ।
तब तो एक बार के बजट में,पांच साल चलूँगा,
अपने अंदाज़ से ख़त्म किया तो साल भर खलूंगा।
अब पानी मिले savlon की बारी आई,
बोला वो मुझसे-भूल जा मेडिकल की पढाई।
तेरी पढाई के इलाज़ से,
नही कोई मेल सरकार के मिज़ाज़ से।
सरकार का सिर्फ एक काम ,
खोलो अस्पताल सरे-आम।
फिर दिए दिखाय,
जनता को सारे उपाय।
कि हमने PHC खोल दिया है,
डॉक्टर मौजूद रहे चौबीसो घंटा;ये बोल दिया है।
हॉस्पिटल में सारी सुविधा निःशुल्क उपलब्ध् कराई जायेगी,
dial करो 104/108;एम्बुलेंस घर पर दौड़ी चली आएगी।
पर ये नेता जी शायद भूल गए,
104/108 आये दिन रहती है garage में खड़े।
और बिन सुई-दवाई,
कैसे इलाज़ करे मेरा डॉक्टर भाई।
इतने में cotton और gauge ने अपना expiry date का लेवल खोला,
और पुरे antiseptic अंदाज़ में बोला-
इतना प्रवचन डॉक्टर साहब क्यों सुनते हो,
सरकार की कागज़ी बातों को क्यों चुनते हो?
कैसे सिमित दवाओँ से हर मर्ज दूर हो,
क्यों डॉक्टर स्टॉक के हिसाब से दवा लिखने को मज़बूर हो?
इतना तो kidney tray में पला बढ़ा,
बेचारा artery forcep;जो अब है जंग चढ़ा।
भी बता देगा,
कि अब मुझसे कोई काम न होगा।
फिर भी उस scissor से,
जाने कैसे-कैसे,
आप काम निकाल लेते हो।
और सरकारी आदेश में,
ढल जाते हो आप भी उसी परिवेश में।
कि हर पेट की बीमारी की दवा MTZ है,
ठीक हुआ तो हुआ;नही तो हम आपके कौन हैं?
अचानक गुस्सा हुआ R/L का bottle,
दिया जवाब in sum total,
क्या पूछते हो PHC के डॉक्टर से,
कभी पूछा उनसे;किस दर्द से हैं वो गुजरे?
DNS बोला intracath के साथ,
भाई N/S तुम्हें नही पता;क्या है बात।
D 5% बोल रहा था,
सारे सरकारी राज खोल रहा था।
कि नेताओं का ये फार्मूला है पुराना,
कैसे अपने area के पब्लिक को है उल्लू बनाना।
एक PHC हॉस्पिटल बिना किसी संसाधन के खोल दो,
उद्धघाटन करो और public को बोल दो।
आज से हर बीमारी का इलाज़ यहीं होगा,
जो डॉक्टर समय पर नही पहुंचें;मुझसे कहना होगा।
पर नेताजी अपने उद्धघाटन किये अस्पताल पे विश्वाश नही कर पाते हैं,
और अपनी सर्दी-जुखाम का भी इलाज़ करवाने;air ambulance से मेदांता से अमेरिका उड़े जातें हैं।
अब सिलाई का धागा,
कोने में पड़ा अभागा,
बोला-ऐ PHC के डॉक्टर,
मुझपे एक अहसान कर-
जिससे मेरी आत्मा तृप्त हो जाये,
जब भी कोई नेता चोट खाये,
अपने उद्धघाटन किये हुए अस्पताल में आये,
जहाँ तुझे दिए हुए है बिठाये,
मुझ से सी देना उसका जख्म;बिन xyolocaine लगाये।
डॉक्टर तू भविष्य है,
कैसे तुझ से कोई खेल पाये।
और deriphyllin dexona की कसम,
Omez Rantac के साथ पूछे तुझसे हम।
क्या बेरोजगारी इतनी भारी है,
की 5 1/2 साल की पढाई पे;5 साल की सरकार भारी है??????